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Archive for the ‘Original Poetry’ Category

Edit मत सुना करो……….. ishq. romance
मत सुना करो………..
shq[Photo]
प्यार में बस नाम और जगह बदल जाती है
सबके हिस्से वही आँसू वही तन्हाई ही आती है
जब चदता है इश्क़ का जनून किसी के सिर पर
तो फिर दुनिया उसको रंगीन नज़र आती है
पा जाते है सिर्फ़ चंद लोग जब अपनी मंज़िल
तो राहे वफ़ा [...]

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मेरा नाम वो अक्सर लिखा करता है अपने गीतो में
मेरे लिए उसको अपनी हाथो की लकीरों को बदलना होगा
पढता है वो मेरा लिखा हुआ इबादत की तरह
“क्या हूँ मैं उसकी” यह खुदा [...]

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वादा ए वफ़ा का निभौं कैसे,
चाँद हूँ में तो दिन में नज़र आऊ कैसे
आँखो में बिखरा हुआ कोई पिछले पहर का ख्वाब हूँ मैं
पुकारे भी कोई तो अब इन आँखो में समाऊ कैसे
भरा है दिल की गहराई में जैसे कोई दर्द तनः सा सफ़र
अब तू ही बता दे की वेआरणो में [...]

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ज़िंदगी में वाक़िफ़ हूँ तेरे अंदाज़ से
पैर तू भी अपना ख़ास अंदाज़ दिखा जाती है
है दिल में कोई गुबार दर्द का भरा हुआ
अब यह हाल उनको भी तो सुनाए कभी- कभी
दिल तड़पता है हैर लम्हा उनकी ही याद में मेरा
अब बस उनसे नज़रे यूँ ही मिल जाए कभी- कभी
सेहर होते ही बुझ जाना [...]

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dharti hun mein teri, mere akaash ho tum……
sirf ek mirgtrishna nahi , meri sachaaye ka abhaas ho tum…
apni kai adhjagi raato mein,
sapna ban ke utarte dekha hai tumhe,
paya hai teri ungaliyon ki shararat ko ,
apni dharkano mein,apni muskarhato mein…..
aur paya hai tujhe kabhi anpni karwato ki sarsrahat mein,
kabhi apni unkahi baato ko sunaane ke liye [...]

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