हसीन जज्बात…….
August 3, 2007 by ranjana
मेरा नाम वो अक्सर लिखा करता है अपने गीतो में
मेरे लिए उसको अपनी हाथो की लकीरों को बदलना होगा
पढता है वो मेरा लिखा हुआ इबादत की तरह
“क्या हूँ मैं उसकी” यह खुदा से पूछना होगा
मैं उसके जनून की तलाश हूँ शायद इस जन्म में
मेरे लिए उसको अपनी किस्मत से लड़ना होगा
करते नही है हम उम्र का हिसाब सच्ची दोस्ती में
ऐसी दोस्ती के लिए उमर का हर फ़ासला काम करना होगा
यह सुन के क्या कहेगा जमाना मुझे इसकी ख़बर नही
उस दिवाने के लिए मुझे अपना नाम अब बदलना होगा
खता है उसके दिल की या मेरी किस बात पर उसको आता है प्यार
यह बात है क्या अब मुझे अपने दिल से यह पूछना होगा
मेरी खातिर वो माँगता है खुदा से ना जाने कितनी दुआएं
मुझे उसकी दोस्ती के लिए खुदा से शुक्रिया कहना होगा
उसके दिल में हैं मेरे लिए इतने हसीन जज्बात………..
यह जान कर मुझे अपने दिल के कोने मैं हमेशा उसको रखना होगा!!

समझना मुश्किल होता है दिल की बातों को,
आसानी से उकेर दिया आपने एहसासों को,
बनाए रखे खुदा आपके दोस्ताने को,
क्या कहें इन खूबसूरत जज़्बातों को!!!
पढता है वो मेरा लिखा हुआ इबादत की तरह
“क्या हूँ मैं उसकी” यह खुदा से पूछना होगा
bahut khoobsurat ranjana ji… bahut achhi rachnaa hai..
Hamane mana ki tagaful na karoge, lekin /
Khak ho jayenge ham, tumako kahabar hone tak //
यह सुन के क्या कहेगा जमाना मुझे इसकी ख़बर नही
उस दिवाने के लिए मुझे अपना नाम अब बदलना होगा.
पाक मुहब्बत की खातिर खुद को फ़ना कर दें तब भी उसके सज़दा में हर बार राख हो जाने की आरज़ू है.
Yoindia se aap absent hain ?
Every line cuts deep into the heart, kya sehi aur khubsurat vernan hai ek naari ke jajbaaton ka, jo ek taraf bandhan aur ek taraf apne dewaane ke pyaar ke beech fesin hai…….. .. torn between two different thoughts taking her in two opposite directions…… so many questions so many thoughts in just one piece of poetry, very beautiful poetry Ranjanaji…….. one of your best poetry……
Waah Waah…SaYa…Pyar ka Lajawaab andaaz-e-bayan hai yeh….!!!
hi
tsi great ho ji
very nice shayeri hor v kujh likho sade lai nava ,,,,,,,,,,,