हसीन जज्बात…….
Posted in Indian Poetry, Ishq Shayari, Love Poem, Original Poetry, Poetry, Ranjana, Shayari on August 3, 2007 | 8 Comments »
मेरा नाम वो अक्सर लिखा करता है अपने गीतो में
मेरे लिए उसको अपनी हाथो की लकीरों को बदलना होगा
पढता है वो मेरा लिखा हुआ इबादत की तरह
“क्या हूँ मैं उसकी” यह खुदा [...]
